प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अक्टूबर 2025 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए छठ पूजा, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छठ महापर्व की वैश्विक महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भारत सरकार इसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल कराने के प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह पर्व केवल बिहार और पूर्वी भारत की सांस्कृतिक पहचान नहीं है, बल्कि यह सूर्य उपासना और जल एवं पर्यावरण संरक्षण का अद्वितीय उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। यदि इसे यूनेस्को की सूची में शामिल किया जाता है, तो दुनिया भर में इसकी भव्यता और पवित्रता को अनुभव किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय त्योहारों और संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ समय पहले दुर्गा पूजा को यूनेस्को की वैश्विक सूची में शामिल किया गया, और इसी तरह छठ पूजा को भी वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने संबोधन में देश की सुरक्षा, जीएसटी बचत, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने मैन्ग्रोव के पर्यावरणीय महत्व, भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनाने की अपील, और 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने के लिए लोगों से आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का उल्लेख करते हुए देशभक्ति की भावना को प्रबल करने की भी बात कही। उनके इस संदेश ने भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को दोबारा रेखांकित किया। इस पहल से छठ महापर्व को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ गई है, जो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और पारंपरिक विरासत को दर्शाती है।




