बिहार चुनाव 2025: पहले चरण के मतदान से पहले तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान, महिलाओं-किसानों को दी बड़ी सौगात

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पटना, 4 नवम्बर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से महज दो दिन पहले महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सोमवार को पटना में एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि महागठबंधन की सरकार बनी तो राज्य में महिलाओं, किसानों और सरकारी कर्मचारियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए जाएंगे। तेजस्वी ने इस दौरान अपनी नई योजना ‘माँ-बहन मान योजना’ की घोषणा की, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस योजना में महिलाओं को एकमुश्त ₹30,000 या मासिक आर्थिक मदद देने पर विचार किया जा रहा है।

तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद बिहार में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने किसानों के हित में भी बड़े वादे किए, जिनमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मजबूत करना और अनाज पर बोनस देने जैसी योजनाएँ शामिल हैं। तेजस्वी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।

महागठबंधन के साझा घोषणापत्र, जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है, में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों, और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा, सरकारी कर्मचारियों की सुविधा के लिए यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि उनकी पोस्टिंग उनके घर से अधिकतम 70 किलोमीटर के दायरे में ही की जाएगी, ताकि उन्हें पारिवारिक जीवन और नौकरी के बीच संतुलन बनाने में आसानी हो।

तेजस्वी ने मौजूदा एनडीए सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में राज्य में विकास, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने जनता से अपील की कि अब बदलाव का समय आ गया है और महागठबंधन की सरकार बनने पर बिहार को नए विकास पथ पर आगे बढ़ाया जाएगा।

पहले चरण के लिए 6 नवम्बर को 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होना है, जिसमें करीब 3.75 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। तेजस्वी के इन नए ऐलानों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब देखना यह है कि ये वादे मतदाताओं को किस हद तक प्रभावित कर पाते हैं और पहले चरण के नतीजों में इनका कितना असर दिखाई देता है।

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