आज 26 नवम्बर 2025 को पूरे देश में राष्ट्रीय संविधान दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दिल्ली स्थित समविधान सदन (संसद के केंद्रीय हॉल) में भव्य राष्ट्रीय समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी। इस केंद्रीय आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा के नेता, केंद्रीय मंत्री तथा संसद के कई सदस्य शामिल हो रहे हैं। समारोह का उद्देश्य देश के नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करना तथा संविधान निर्माण की प्रक्रिया और उससे जुड़े आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना है।
संविधान दिवस भारत के इतिहास का विशेष दिन है, क्योंकि 26 नवम्बर 1949 को ही भारत के संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया गया था। इस तारीख को वर्ष 2015 से आधिकारिक तौर पर संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और संविधान निर्माताओं के योगदान को सम्मान दिया जा सके। इसी कारण आज देशभर के स्कूलों, विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संस्थानों में विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। कई स्थानों पर संविधान पर आधारित व्याख्यान, वाचन, कार्यशालाएँ और युवा सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम भी हो रहे हैं।
केंद्रीय समारोह के साथ-साथ राज्यों में भी विविध आयोजन किए जा रहे हैं। कई राज्यों में छात्रों के लिए विशेष कार्यक्रम रखे गए हैं, जिनमें संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर कुछ राज्यों के विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक वन्दे मातरम् और राष्ट्रगीत प्रस्तुति जैसे कार्यक्रम आज आयोजित हो रहे हैं। कई मंत्रालयों और सरकारी विभागों द्वारा भी संवैधानिक जागरूकता से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन अभियान और नई पहलों के शुभारंभ की संभावना जताई गई है।
समविधान सदन में होने वाला मुख्य समारोह पारंपरिक गरिमा के साथ आयोजित होगा, जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के संबोधन के साथ-साथ विभिन्न विधायी और न्यायिक प्रतिनिधि भी संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं पर अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर संविधान के महत्व, नागरिक अधिकारों, नैतिक कर्तव्यों, तथा भारतीय लोकतंत्र की प्रतिबद्धताओं को दोहराया जाएगा। कार्यक्रम का मकसद केवल औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि नागरिक चेतना को जगाना और समाज में संविधान के प्रति सम्मान को और मजबूत करना है।




