सिद्धारमैया-शिवकुमार की नाश्ते पर मुलाकात, कांग्रेस हाई कमान कर सकती है CM पर अंतिम फैसला

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बेंगलुरु/नई दिल्ली, 29 नवंबर 2025 — कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस पार्टी में जारी खींचतान के बीच आज एक अहम मोड़ आया है। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नाश्ते पर बुलाया, जिससे दोनों नेताओं के बीच बातचीत और समझौते की संभावना बढ़ गई है। यह मुलाकात पार्टी हाई कमान के निर्देश पर हुई, जिसने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।

पृष्ठभूमि यह है कि 2023 में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई थी और मुख्यमंत्री पद को 2.5 साल के रोटेशन फॉर्मूले के तहत बांटने का निर्णय लिया गया था। अब, दो साल के बाद शिवकुमार यह मांग कर रहे हैं कि रोटेशन लागू हो और वे मुख्यमंत्री बने, जबकि सिद्धारमैया इस फॉर्मूले को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। पार्टी हाई कमान ने स्थिति गंभीर समझते हुए दोनों नेताओं को शांति से बातचीत करने का निर्देश दिया था।

आज की नाश्ते की मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब दोनों नेता एक साथ बातचीत के लिए सामने आए हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि वे हाई कमान के निर्देशों का पालन करेंगे, जबकि शिवकुमार ने यह स्पष्ट किया कि वे जल्दबाजी नहीं करना चाहते। इस मुलाकात के बाद पार्टी हाई कमान संभवतः फैसला करेगी कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा।

इस फैसले का प्रभाव सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है। यदि शिवकुमार मुख्यमंत्री बने तो यह रोटेशन फॉर्मूले के अनुरूप माना जाएगा और पार्टी के भीतर संतुलन बना रहेगा। दूसरी ओर, अगर बात नहीं बनती है तो हाई कमान का हस्तक्षेप और अंदरूनी टकराव तेज हो सकता है। आम जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी किस प्रकार संतुलन बनाए रखेगी और सरकार कार्यशील रहेगी।

आज का नाश्ता सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि कर्नाटक के राजनीतिक भविष्य और कांग्रेस की सत्ता रणनीति की दिशा तय करने वाली एक अहम घटना बन गया है।

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