उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल लागू करने जा रही है, जिसके तहत राज्य में हर महीने की 21 तारीख को ‘प्लेसमेंट-डे’ या रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इस नियमित रोजगार मेले को आईटीआई परिसरों, जिला रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास केन्द्रों में एक साथ संचालित किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा और विभिन्न उद्योगों के नियोक्ता सीधे एक मंच पर आ सकें। सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं को अनावश्यक प्रतीक्षा या अनिश्चितता में न रहना पड़े, और हर महीने एक तय समय पर उन्हें नौकरी के अवसर उपलब्ध हों।
इस पहल के साथ ही राज्य सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की एक विस्तृत और सटीक सूची तैयार कर रही है। इस सूची में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास मिशन, जिला रोजगार कार्यालय और विभिन्न प्रशिक्षण केन्द्रों से पंजीकृत अभ्यर्थियों के विवरण को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की एक समन्वित डेटाबेस लिस्ट से न केवल उम्मीदवारों की योग्यता और कौशल की पहचान आसान होगी, बल्कि उन्हें उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी। सूची तैयार करने की प्रक्रिया में आवेदकों की योग्यता, कौशल, प्रशिक्षण, अनुभव और रुचि क्षेत्रों को भी दर्ज किया जाएगा ताकि उन्हें उपयुक्त नौकरियों से सटीकता से जोड़ा जा सके।
राज्य का कौशल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) और व्यावसायिक शिक्षा विभाग इस योजना के प्रमुख क्रियान्वयनकर्ता होंगे। मंत्री स्तर पर दिए गए निर्देशों में आईटीआई छात्रों की इंडस्ट्री विजिट, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और कैंपस प्लेसमेंट को भी तेज गति से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सरकार ने तय किया है कि इन रोजगार मेलों में निजी कंपनियों, स्थानीय उद्योगों, सेवा क्षेत्र, मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों और स्टार्टअप्स की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि युवाओं को मौके सिर्फ दिखावे के बजाय वास्तविक और उपयोगी रूप में प्राप्त हों।
इस नई व्यवस्था के सूचना-प्रसार और पंजीकरण के लिए राज्य सरकार ने अपने आधिकारिक पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in को प्रमुख मंच बनाया है। रोजगार मेलों की तिथियां, पात्रता, ज़रूरी दस्तावेज़ और पंजीकरण संबंधी सभी सूचनाएं इसी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट की जाएंगी। आवेदकों को सुझाव दिया गया है कि वे समय पर पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें, जिससे उन्हें रोजगार मेले में प्राथमिकता मिल सके। इसके साथ ही सरकार ने कहा है कि रोजगार मेलों में ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू और तत्काल नियुक्ति की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बने।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल प्रभावी रूप से लागू होती है तो इससे प्रदेश के ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को लगातार और सुनिश्चित रोजगार के अवसर मिलेंगे। उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी और कौशल-आधारित प्रशिक्षण से प्लेसमेंट रेट भी बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि यह योजना केवल रोजगार प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के कौशल-विकास, औद्योगिक मांग के अनुरूप प्रशिक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अंततः, योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा और जल्द ही जिलावार आयोजन सूची जारी की जाएगी। पंजीकरण खुले हैं और नियोक्ताओं तथा अभ्यर्थियों दोनों से अनुरोध किया गया है कि वे आगामी रोजगार मेलों में भाग लेकर इस नई पहल का लाभ उठाएं।




