प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इथियोपिया दौरे ने भारत-इथियोपिया संबंधों को नई ऊंचाई दी है। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान इथियोपिया सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने, विकास सहयोग को नई दिशा देने और वैश्विक मंचों पर अफ्रीका-भारत साझेदारी को आगे बढ़ाने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इथियोपिया जैसे प्राचीन और गौरवशाली देश से यह सम्मान मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर भारत और इथियोपिया के ऐतिहासिक रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी सम्मान, विश्वास और सहयोग पर आधारित रहे हैं, जो समय के साथ और मजबूत हुए हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल तकनीक और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को विस्तार देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत इथियोपिया की विकास यात्रा में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे भी योगदान देता रहेगा। साथ ही, उन्होंने अफ्रीकी देशों के साथ भारत की प्राथमिकता को रेखांकित करते हुए ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ’ के दृष्टिकोण पर भी जोर दिया।
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इथियोपिया के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं, जिनमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और लोगों से लोगों के संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने तथा भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
इथियोपिया द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया सर्वोच्च सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत-इथियोपिया संबंधों की मजबूती और दोनों देशों के बीच बढ़ते वैश्विक सहयोग का प्रतीक भी माना जा रहा है। यह सम्मान आने वाले समय में भारत और अफ्रीकी देशों के बीच साझेदारी को और गति देने वाला कदम साबित हो सकता है।




