देश के उत्तरी हिस्सों में सर्दी की तीव्रता इस हफ्ते और बढ़ गई है। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी के कारण पर्वतीय मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति कुछ दिनों तक बनी रहने की संभावना है।
मैदानी इलाकों में भी ठंड और कोहरे का असर महसूस किया जा रहा है। विशेषकर उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता कम हो गई है और सड़क मार्ग पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। घने कोहरे के कारण नागरिकों को दैनिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और सड़क सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ा है।
हवाई यातायात भी इस मौसम की मार से अछूता नहीं रहा। कई एयरपोर्टों पर कोहरे के चलते उड़ानों में देरी और रद्दीकरण देखा गया। उदाहरण के लिए, हिंडन एयरपोर्ट पर चार उड़ानें रद्द और दो उड़ानें देरी से रवाना हुईं। देश के अन्य प्रमुख हवाईअड्डों पर भी उड़ानों में बाधा उत्पन्न हुई है।
रेल और सड़क यातायात भी मौसम की मार झेल रहा है। मौसम और कोहरे के कारण कई ट्रेनों को समय पर संचालन में कठिनाई आई है और कुछ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा है। नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर भी दृश्यता घटने के कारण यातायात धीमा रहा, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए ठंड और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का प्रभाव मैदानी इलाकों तक पहुँच रहा है, जिससे तापमान लगातार गिर रहा है और सर्दी और बढ़ रही है। लोगों से अपेक्षा की जा रही है कि वे यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट्स अवश्य जांचें और आवश्यक सावधानियाँ बरतें।




