डायरिया आउटब्रेक ने छीनी कई जिंदगियां, इंदौर में प्रशासन पर सवाल

SHARE:

इंदौर, जिसे देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिना जाता है, हाल ही में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का गवाह बना, जब भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में नलों से आ रहे दूषित पानी ने डायरिया और उल्टी-दस्त की भयावह स्थिति पैदा कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, घरों में सप्लाई हो रहा पानी बदबूदार और गंदा था, लेकिन शुरुआती शिकायतों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि देखते-ही-देखते दर्जनों लोग बीमार पड़ गए और कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

जांच में सामने आया कि मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का पानी मिल गया था। बताया गया कि जिस स्थान से पानी की लाइन गुजर रही थी, उसके पास नाले और शौचालय की संरचना थी, जिससे गंदगी सीधे पाइप में प्रवेश कर गई। प्रयोगशाला जांच में भी पानी में हानिकारक बैक्टीरिया पाए गए, जो डायरिया और अन्य संक्रमणों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। इसी दूषित पानी के सेवन से लोगों में तेज दस्त, उल्टी, बुखार और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखे।

इस घटना में मौतों की संख्या को लेकर विवाद बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों का दावा है कि 15 से अधिक लोगों की जान गई है, जिनमें छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं प्रशासन कुछ मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि कर रहा है। कई परिवारों का कहना है कि कुछ मरीजों की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई, जिससे वे सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं हो सके।

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रभावित इलाके में पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों से साफ पानी उपलब्ध कराया गया और पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और बीमारों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने की घोषणा की। नगर निगम के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप में कार्रवाई भी की गई, जबकि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पूरे मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है।

यह त्रासदी केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक को उजागर करती है। शिकायतों के बावजूद समय पर निरीक्षण न होना, पुरानी पाइपलाइनों की अनदेखी और जिम्मेदार एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी ने हालात को और बिगाड़ दिया। इंदौर की यह घटना साफ संदेश देती है कि शहरी बुनियादी ढांचे, खासकर पेयजल व्यवस्था में थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन लोगों के मन में अब भी सवाल गूंज रहा है—इस पूरे हादसे का असली जिम्मेदार कौन है?

Leave a Comment