वेनेजुएला में अचानक आए राजनीतिक भूचाल के बीच उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभाल ली है। यह फैसला वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट (संवैधानिक पीठ) के आदेश के बाद लिया गया, जब राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अनुपस्थिति के चलते देश में संवैधानिक और प्रशासनिक संकट पैदा हो गया। कोर्ट ने कहा कि शासन की निरंतरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है, इसलिए उपराष्ट्रपति को अस्थायी रूप से राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
डेल्सी रोड्रिग्ज को मादुरो का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। मादुरो उन्हें स्नेहपूर्वक ‘शेरनी’ कहकर संबोधित करते रहे हैं, जो उनके सख्त रवैये और निर्णायक नेतृत्व शैली को दर्शाता है। कोर्ट के आदेश के बाद रोड्रिग्ज ने तुरंत सत्ता संभाली और कहा कि उनकी प्राथमिकता देश की स्थिरता बनाए रखना, प्रशासन को सुचारु रूप से चलाना और किसी भी तरह की अराजकता को रोकना है। उन्होंने इसे असाधारण परिस्थितियों में उठाया गया संवैधानिक कदम बताया।
डेल्सी रोड्रिग्ज वेनेजुएला की अनुभवी नेताओं में गिनी जाती हैं। पेशे से वकील रोड्रिग्ज इससे पहले संचार एवं सूचना मंत्री, विदेश मंत्री, संविधान सभा की प्रमुख और उपराष्ट्रपति जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने देश के महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र से जुड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली है। आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और घरेलू विरोध के दौर में उन्होंने सरकार की नीतियों को लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे उनकी छवि एक मजबूत प्रशासक के रूप में बनी है।
अंतरिम राष्ट्रपति बनने के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने अपने पहले संबोधन में स्पष्ट किया कि वे वेनेजुएला की संप्रभुता से किसी तरह का समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने राष्ट्रपति मादुरो की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों पर कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाएं पूरी तरह सक्रिय हैं और कानून के दायरे में ही फैसले लिए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और सरकार का सहयोग करने की अपील की।
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ देशों ने इसे वेनेजुएला का आंतरिक मामला बताते हुए टिप्पणी से परहेज किया, वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की ओर से बयानबाजी तेज हो गई है। डेल्सी रोड्रिग्ज ने विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वेनेजुएला अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है और किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
कुल मिलाकर, डेल्सी रोड्रिग्ज का अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभालना वेनेजुएला के राजनीतिक इतिहास का एक अहम मोड़ माना जा रहा है। मादुरो की ‘शेरनी’ कही जाने वाली यह नेता अब ऐसे समय में देश की बागडोर संभाले हुए हैं, जब आंतरिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव दोनों अपने चरम पर हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि उनका नेतृत्व देश को किस दिशा में ले जाता है।




