केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को राम, काम और गांव से परेशानी है. उन्होंने कहा कि सोमवार से कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ आंदोलन का ऐलान किया है, लेकिन यह मनरेगा बचाओ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम है।
Reported by:- निखिल रस्तोगी
नई दिल्ली : विकसित भारत जी राम जी योजना के खिलाफ जहाँ सोमवार से कांग्रेस का देश व्यापी विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है, वहीँ उससे ठीक पहले केंद्र सरकार की तरफ से कांग्रेस पर करारा हमला किया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि वर्तमान में लाया गया कानून विकसित भारत जी राम जी ( V B G Ram G ) मनरेगा (MGNREGA) से काफी बेहतर योजना है, जिसमें श्रमिकों और गाँव के हित में कई एतिहासिक सुधार किये गए हैं। लेकिन कांग्रेस को झूठ और भ्रम फैलाने की जैसे आदत सी हो गयी है, इसलिए हर बार की तरह इस बार भी कांग्रेस झूठ फैलाने का काम कर रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जिस “मनरेगा बचाओ संग्राम” की घोषणा की है, वह वास्तव में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार कांग्रेस के डीएनए और जड़ों में है। कांग्रेस को गांव से, काम से और राम से परेशानी है।
विकसित भारत–विकसित गांव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच
शिव राज सिंह चौहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह योजना विकसित भारत–विकसित गांव की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, गांवों का समग्र विकास और भ्रष्टाचार का पूर्ण उन्मूलन है।
भ्रष्टाचार होगा समाप्त
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी थी—मजदूरों की जगह मशीनों से काम, मजदूरों के नाम पर ठेकेदारों को भुगतान और कुछ लोगों की जेब भरने का सिलसिला चलता रहा।
उन्होंने सोशल ऑडिट का हवाला देते हुए बताया कि ग्राम सभाओं में 10 लाख 91 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें एक ही सड़क को बार-बार बनाना, नहर और खेतों की सफाई के नाम पर पैसे हड़पना, 80 वर्ष तक के लोगों को मजदूर दिखाना और 60 वर्ष से ऊपर के 30 प्रतिशत तथाकथित मजदूरों का पंजीकरण शामिल है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 8841 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई, जबकि यूपीए शासनकाल में करीब 2 लाख करोड़ रुपये आए, लेकिन स्थायी परिसंपत्तियां नहीं बन पाईं और गांवों का विकास नहीं हुआ।
100 दिन के बजाय 125 दिन की रोजगार गारंटी
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत जी रामजी योजना में मजदूरों के हितों को पहले से कहीं अधिक मज़बूती से संरक्षित किया गया है। अब 100 दिन के बजाय 125 दिन की कानूनी रोजगार गारंटी दी गई है। मांगने पर काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। विलंब से मजदूरी भुगतान पर दंड और अतिरिक्त भुगतान का भी प्रावधान किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि पहले मजदूरों को चार-चार महीने तक मजदूरी नहीं मिलती थी, लेकिन अब समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सके।
उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों में पर्याप्त रोजगार के साथ-साथ स्कूल, अस्पताल, सड़क, नाली, पुलिया, आंगनबाड़ी, खेत तक सड़क, तालाब, चेक डैम और जल संरक्षण जैसे स्थायी विकास कार्य किए जाएंगे।
गांव ही निर्णय करेंगे कि कौनसा काम होना है।
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि अब यह तय करने का अधिकार पूरी तरह ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के पास होगा कि गांव में कौन-सा काम होगा। पहले की तरह ऊपर से काम थोपे नहीं जाएंगे। यह निर्णय गांव के लोग गांव में ही तय करेंगे कि कौनसा कार्य होगा ।
संसद में चर्चा के दौरान कहाँ थे राहुल गांधी
उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि जब संसद में इस महत्वपूर्ण योजना पर चर्चा हो रही थी, तब नेता प्रतिपक्ष सदन में क्यों नहीं थे। संवाद और बहस से भागकर बाद में भ्रम फैलाना कांग्रेस की राजनीति बन गई है।
अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत रामजी योजना एक बड़ा रिफॉर्म है, जिसमें नई तकनीक के जरिए भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त कर मजदूरों, किसानों और गांवों के हितों को सुरक्षित किया गया है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह झूठ और भ्रम फैलाना बंद करे और इस ऐतिहासिक सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करे।




