प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल के पावन अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ त्योहार में भाग लिया और गौ सेवा भी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति, सूर्य और कृषि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है, जो हमें धरती से जुड़े रहने और उसके संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने किसानों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता में कृषि को हमेशा जीवन का आधार माना गया है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं, जिनमें लोक संगीत और पारंपरिक गीतों ने समां बांध दिया। एक युवा गायिका की मधुर प्रस्तुति से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री ने उसकी सराहना की और उसे अपनी शॉल भेंट कर प्रोत्साहित किया। इस भावनात्मक पल ने समारोह को और भी यादगार बना दिया। उपस्थित लोगों ने पारंपरिक अंदाज में पोंगल उत्सव मनाया और तमिल संस्कृति की झलक देखने को मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को पोंगल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लेकर आए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में पोंगल, मकर संक्रांति, लोहरी और बिहू जैसे पर्व भले ही अलग-अलग नामों से मनाए जाते हों, लेकिन इन सभी का मूल संदेश प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करना




