ईरान में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और घरेलू हालात को देखते हुए ईरानी सरकार ने कुछ समय के लिए अपने हवाई क्षेत्र को वाणिज्यिक विमानों के लिए बंद कर दिया। इस फैसले का असर वैश्विक विमानन परिचालन पर पड़ा और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अपने मार्ग बदलने या रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मध्य-पूर्व से होकर गुजरने वाले प्रमुख हवाई मार्गों पर अचानक लगी इस रोक के कारण एयरलाइंस को यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए त्वरित वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ीं।
ईरान के एयरस्पेस बंद होने के बाद भारत की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। एयरलाइन ने घोषणा की कि उसकी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अब ईरानी हवाई क्षेत्र से बचते हुए सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है। इसके चलते कुछ उड़ानों के समय में बढ़ोतरी हो सकती है और कुछ मामलों में उड़ानों को रद्द भी किया गया है, जहां वैकल्पिक रूट उपलब्ध नहीं हो सका। एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही ये निर्णय लिए गए हैं।
एयर इंडिया ने प्रभावित यात्रियों के लिए विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें, क्योंकि बदले हुए रूट के कारण उड़ानों में देरी संभव है। जिन उड़ानों का मार्ग बदला गया है, उनमें यात्रा का समय पहले से अधिक हो सकता है, इसलिए आगे की यात्रा योजनाएं बनाते समय अतिरिक्त समय को ध्यान में रखें। किसी भी तरह की असुविधा या जानकारी के लिए यात्रियों को एयर इंडिया के कस्टमर केयर से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है।
ईरान के एयरस्पेस बंद होने का असर सिर्फ एयर इंडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई अन्य भारतीय और विदेशी एयरलाइंस ने भी अपनी उड़ानों के रूट में बदलाव किया है और ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों के अनुसार ईरान का हवाई क्षेत्र मध्य-पूर्व और यूरोप के बीच उड़ानों के लिए एक अहम कॉरिडोर माना जाता है, ऐसे में इस तरह की बंदी से वैश्विक हवाई यातायात पर सीधा असर पड़ता है। फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है और स्थिति सामान्य होने के बाद उड़ानों का संचालन फिर से पुराने रूट पर किया जा सकता है।




