भजन क्लबिंग से स्टार्टअप इंडिया तक, मन की बात में पीएम मोदी के बड़े संदेश

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नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र, युवा शक्ति, स्टार्टअप संस्कृति और भारतीय परंपराओं से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को भी रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता बनना हर नागरिक के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए। उन्होंने पहली बार वोट देने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने इस अधिकार पर गर्व करें, समय पर मतदाता पंजीकरण कराएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। पीएम मोदी ने चुनाव से जुड़े कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की भी सराहना की, जो लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि बीते वर्षों में भारत ने नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि आज भारत दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल संख्या नहीं, बल्कि गुणवत्ता और वैश्विक मानकों पर खरे उतरने वाले उत्पादों और सेवाओं पर ध्यान दें, ताकि भारत की पहचान नवाचार के केंद्र के रूप में और मजबूत हो सके।

प्रधानमंत्री ने इस बार ‘भजन क्लबिंग’ जैसे नए सांस्कृतिक प्रयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा भक्ति संगीत को आधुनिक संगीत शैलियों के साथ जोड़कर एक नया स्वरूप दे रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति की जीवंतता और नवाचार की भावना को दर्शाता है। पीएम मोदी ने इसे परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम का उदाहरण बताया और युवाओं की रचनात्मक सोच की प्रशंसा की।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमारे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को याद करने का अवसर है। उन्होंने नागरिकों से संविधान के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और देश की एकता व अखंडता को मजबूत करने का आह्वान किया।

अपने संदेश में पीएम मोदी ने युवा शक्ति और समाज की सामूहिक भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और सामाजिक सेवा से जुड़े कई प्रेरक उदाहरण साझा किए, जो यह दिखाते हैं कि जब समाज मिलकर प्रयास करता है, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया।

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