ग्रामीण रोजगार पर सियासी संग्राम, VB-G RAM G को लेकर केंद्र बनाम कांग्रेस

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कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए VB-G RAM G कानून को लेकर तीखा हमला बोला है और इसे MGNREGA को कमजोर करने की साजिश करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार की उस मजबूत कानूनी गारंटी को खत्म कर देगा, जिसने पिछले दो दशकों में करोड़ों गरीब परिवारों को सहारा दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार नाम बदलकर और नई संरचना लाकर MGNREGA के मूल अधिकार आधारित ढांचे को समाप्त करना चाहती है, जिससे ग्रामीण गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने VB-G RAM G कानून की आलोचना करते हुए MGNREGA की खूबियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि MGNREGA एक परिवर्तनकारी कानून रहा है, जिसने ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी दी, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई और पंचायतों को सशक्त बनाया। जयराम रमेश के मुताबिक, इस कानून के तहत करोड़ों परिवारों को हर साल काम मिला, ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण हुआ और मजबूरी में होने वाले पलायन पर भी लगाम लगी। उन्होंने कहा कि MGNREGA ने मजदूरों की सौदेबाजी की ताकत बढ़ाई और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार किया।

कांग्रेस का आरोप है कि VB-G RAM G कानून में भले ही काम के दिनों और योजनाओं की बात की जा रही हो, लेकिन इसमें कानूनी गारंटी कमजोर हो जाती है और अधिकार आधारित व्यवस्था की जगह बजट और केंद्र के विवेक पर आधारित मॉडल लागू किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इससे राज्यों और पंचायतों की भूमिका सीमित होगी और ग्रामीण इलाकों की वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि यह कानून रोजगार के अधिकार को कृपा आधारित योजना में बदल सकता है।

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार से मांग की कि MGNREGA को कमजोर करने के बजाय इसे और मजबूत किया जाए, समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए और बजट आवंटन बढ़ाया जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर पुनर्विचार नहीं किया, तो वह संसद के भीतर और बाहर इस कानून के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में ग्रामीण रोजगार नीति को लेकर बहस और गहराने की संभावना ।

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