जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। बासंतगढ़ क्षेत्र के घने जंगलों में हुई मुठभेड़ में सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया, जिनमें संगठन का टॉप कमांडर मावी भी शामिल है। खुफिया एजेंसियों को आतंकियों की मौजूदगी की सटीक सूचना मिलने के बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन किया’ शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान चलाया गया, जो कई घंटों तक चला।
सूत्रों के अनुसार, आतंकी जंगल के भीतर एक प्राकृतिक गुफा जैसे ठिकाने में छिपे हुए थे। सुरक्षा बलों ने ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और फिर उन्हें चारों ओर से घेर लिया। खुद को घिरा देख आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से भीषण मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया। मारे गए आतंकियों में शामिल मावी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था और उसे क्षेत्र में कई आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड माना जा रहा था।
मुठभेड़ स्थल से AK-47, M4 कार्बाइन समेत अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में थे। सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन के बाद पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान जारी रखा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आसपास कोई अन्य आतंकी छिपा न हो। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह खुफिया सूचना पर आधारित थी और इसका उद्देश्य जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क को कमजोर करना है।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस ऑपरेशन को बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा है कि टॉप कमांडर के मारे जाने से आतंकी संगठन की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। उधमपुर जैसे अपेक्षाकृत शांत क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई यह दर्शाती है कि सुरक्षा बल किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।




