तालिबान की जवाबी स्ट्राइक या नया युद्ध मोर्चा? सीमा पर हालात गंभीर

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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी सीमा तनाव ने हाल के दिनों में खतरनाक सैन्य टकराव का रूप ले लिया है। अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज Taliban के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें एक के बाद एक कई धमाके हुए। तालिबान की ओर से इन हमलों का वीडियो भी सार्वजनिक किया गया है, जिसमें कथित तौर पर सीमा पार स्थित ठिकानों को निशाना बनाते हुए विस्फोट दिखाई दे रहे हैं। अफगान पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में की गई एयर स्ट्राइक के जवाब में की गई है।

इससे पहले पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि उसकी सीमा के भीतर सक्रिय उग्रवादी समूहों को अफगान क्षेत्र से समर्थन मिल रहा है। इसी आधार पर पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुछ इलाकों, जिनमें काबुल और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल बताए जा रहे हैं, पर कार्रवाई की। जवाबी हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया है। हालांकि, हताहतों और सैन्य क्षति को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। स्थिति को लेकर पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों ने इसे “खुले संघर्ष” की स्थिति बताया है, जबकि तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता की रक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई कहा है।

यह टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीमा रेखा और आतंकवाद के मुद्दे पर पहले से अविश्वास की स्थिति बनी हुई थी। विश्लेषकों का मानना है कि सीमा पार हमलों और आरोप-प्रत्यारोप ने संबंधों को और अधिक जटिल बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताते हुए संयम बरतने और कूटनीतिक संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लगातार बढ़ता संघर्ष दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

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