राजधानी में बढ़ते साइबर अपराध के मामलों के बीच दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत 11 राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने विभिन्न तरीकों से लोगों को निशाना बनाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह ऑनलाइन निवेश योजनाओं, फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, लोन और टेक्निकल सपोर्ट फ्रॉड जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि या साइबर सुरक्षा एजेंट बताकर पीड़ितों से गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और फिर उनके खातों से रकम निकाल लेते थे। कई मामलों में फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए भी ठगी की गई।
छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह अलग-अलग राज्यों से संचालित हो रहा था और फर्जी बैंक खातों व डिजिटल वॉलेट्स का इस्तेमाल कर रकम को तेजी से इधर-उधर ट्रांसफर करता था, ताकि पुलिस को ट्रैक करने में कठिनाई हो।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश ऑफर पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।
दिल्ली पुलिस की इस समन्वित कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे देशभर में सक्रिय ठग गिरोहों को कड़ा संदेश गया है कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में अब कानून का शिकंजा और सख्त होता जा रहा है।




