नई दिल्ली में बहुचर्चित दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में कोर्ट से राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया समेत अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद पार्टी ने इसे न्याय की जीत करार दिया और कहा कि लंबे समय से चल रहे कानूनी संघर्ष में सच्चाई सामने आई है। हालांकि जांच एजेंसी द्वारा उच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने की संभावना के बीच राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है।
फैसले के तुरंत बाद केजरीवाल एक्शन मोड में नजर आए और पार्टी ने राजधानी के जंतर मंतर पर एक बड़ी जनसभा आयोजित की। इस रैली को AAP की ताकत के प्रदर्शन और राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। जनसभा में दिल्ली के अलावा पंजाब और अन्य राज्यों से भी कार्यकर्ता पहुंचे। मंच से संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा था और अदालत के फैसले ने सच्चाई को उजागर कर दिया है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे शांति और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें।
जनसभा से पहले केजरीवाल और सिसोदिया ने कनॉट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना भी की और न्याय मिलने के लिए आभार जताया। रैली में पार्टी नेताओं ने दिल्ली सरकार की नीतियों और कामकाज को दोहराते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। सभा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की विशेष व्यवस्था की गई थी और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी रही।
कुल मिलाकर, कोर्ट से मिली राहत के बाद आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक संबल के रूप में लिया है और जंतर मंतर की जनसभा के जरिए समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास किया है। आने वाले दिनों में इस मामले की कानूनी और राजनीतिक दिशा पर सभी की नजरें टिकी।




