सीमा विवाद ने लिया युद्ध का रूप, अफगान हमले में 32 सैनिक ढेर

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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव अब खुली सैन्य टकराव की स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में अफगानिस्तान की ओर से पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर समन्वित हमले किए जाने का दावा किया गया है। इन हमलों में सबसे बड़ा निशाना रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को बनाया गया, जिसे पाकिस्तान वायुसेना का एक रणनीतिक और अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। रिपोर्टों के अनुसार इस भीषण हमले में कम से कम 32 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

अफगान पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा सीमा पार की गई सैन्य गतिविधियों और कथित हवाई हमलों के जवाब में की गई। हमले में ड्रोन और मिसाइलों के इस्तेमाल की बात सामने आई है, जिससे एयरबेस परिसर और आसपास के इलाकों में भारी विस्फोट हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।

पाकिस्तानी सैन्य सूत्रों ने भी हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, हालांकि विस्तृत नुकसान का आकलन अभी जारी है। नूर खान एयरबेस सामरिक दृष्टि से इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां से वीआईपी उड़ानों और महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का संचालन होता है। इस पर हमला पाकिस्तान की रक्षा संरचना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद और अविश्वास का परिणाम है। हाल के महीनों में सीमा क्षेत्रों में झड़पें, हवाई हमले और ड्रोन गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे हालात लगातार बिगड़ते गए। मौजूदा हमले के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य सतर्कता और बढ़ा दी गई है और क्षेत्र में तनाव चरम पर है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन सकता है। फिलहाल स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और आगे की घटनाओं पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।

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