‘जिम्मेदारी से पीछे हट रही सरकार’— खामेनेई मामले पर सोनिया का हमला

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पश्चिम एशिया में गहराते ईरान संकट के बीच अयातोल्लाह अली खामेनेई की हत्या को लेकर भारत की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना पर भारत सरकार का मौन रहना तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। उनके अनुसार, एक संप्रभु देश के सर्वोच्च नेता की लक्षित हत्या पर स्पष्ट और सैद्धांतिक रुख न लेना भारत की पारंपरिक विदेश नीति और नैतिक प्रतिबद्धताओं के विपरीत है।

सोनिया गांधी ने कहा कि भारत हमेशा से शांति, संवाद और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थक रहा है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और वैश्विक स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है, भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट रूप से दुनिया के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि “वसुधैव कुटुम्बकम” का सिद्धांत केवल एक नारा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नैतिक साहस दिखाने की अपेक्षा करता है। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में चुप रहना भारत की वैश्विक भूमिका को कमजोर करता है।

कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग भी की है, ताकि सरकार अपनी विदेश नीति और मौजूदा रुख को स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि ऐसे संवेदनशील वैश्विक घटनाक्रम पर सरकार की आधिकारिक नीति क्या है। सोनिया गांधी के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और विपक्षी दल भी सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं। ईरान संकट और खामेनेई की हत्या को लेकर भारत की प्रतिक्रिया अब एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

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