मणिपुर में एक बार फिर सुरक्षा हालात तनावपूर्ण हो गए हैं, जहां कुकी उग्रवादियों द्वारा सेना पर की गई फायरिंग के बाद करीब आधे घंटे तक मुठभेड़ चली। जानकारी के अनुसार, गश्त कर रहे सुरक्षाबलों पर अचानक हमला किया गया, जिसके जवाब में सेना ने भी कार्रवाई की और दोनों ओर से तीव्र गोलीबारी हुई। हालांकि इस मुठभेड़ के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन क्षेत्र में अभी भी तनाव बना हुआ है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
दरअसल, मणिपुर में पिछले कुछ समय से उग्रवादी गतिविधियों में फिर तेजी देखी जा रही है, खासकर पहाड़ी इलाकों में जहां संदिग्ध कुकी संगठनों की मौजूदगी बढ़ी है। 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच चल रहे जातीय संघर्ष ने पहले ही राज्य की स्थिति को संवेदनशील बना रखा है। इस बीच फायरिंग, अपहरण और हिंसा की अन्य घटनाओं ने हालात को और बिगाड़ दिया है, जिससे आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कुछ कुकी उग्रवादी संगठन “सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन” समझौते के तहत हैं, लेकिन कई समूह इससे बाहर रहकर सक्रिय रूप से हिंसक गतिविधियों में शामिल हैं। ये उग्रवादी अक्सर सीमावर्ती और जंगल क्षेत्रों में छिपकर अचानक हमले करते हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए चुनौती और बढ़ जाती है। हालिया मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि मणिपुर में शांति अभी भी नाजुक बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समाधान के लिए सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक संवाद और सामुदायिक विश्वास बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाना जरूरी होगा।




