अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से जारी व्यापारिक तनाव के बीच एक बड़े विमान सौदे की चर्चा ने वैश्विक बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि चीन अमेरिकी विमान निर्माता Boeing से 200 जेट विमान खरीदने पर सहमत हो गया है। यह बयान ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद सामने आया। ट्रंप ने कहा कि बोइंग को चीन से बड़े ऑर्डर की उम्मीद थी और अब 200 विमानों की खरीद पर सहमति बन चुकी है, जिसे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
हालांकि इस घोषणा के बावजूद शेयर बाजार की प्रतिक्रिया उम्मीद के विपरीत रही। ट्रंप के बयान के बाद बोइंग के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को चीन से इससे भी बड़े ऑर्डर की उम्मीद थी, इसलिए 200 विमानों के संभावित समझौते ने बाजार की अपेक्षाओं को पूरी तरह संतुष्ट नहीं किया। इसके अलावा सौदे की शर्तों, विमान मॉडलों और डिलीवरी टाइमलाइन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।
कुछ बड़े वाइडबॉडी विमानों को शामिल किया जा सकता है। चीन पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय विमान निर्माता एयरबस की ओर अधिक झुकाव दिखा रहा था, जिससे बोइंग की चीन में हिस्सेदारी प्रभावित हुई थी। ऐसे में यह संभावित समझौता अमेरिकी कंपनी के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है तो इससे अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्तों में नरमी आने के संकेत मिल सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को केवल कारोबारी समझौते के तौर पर नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप प्रशासन लगातार चीन के साथ आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है और विमान सौदे को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से इस समझौते को लेकर और आधिकारिक जानकारी साझा की जा सकती है।




