भारत के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, क्योंकि Major Abhilasha Barak को संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिष्ठित सम्मान दिए जाने की घोषणा की गई है। लेबनान में शांति मिशन के दौरान महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण, सामुदायिक सहयोग तथा लैंगिक जागरूकता को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2025 का ‘मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ प्रदान किया जाएगा। यह उपलब्धि न केवल भारतीय सेना के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सकारात्मक भूमिका और महिला सैन्य अधिकारियों की क्षमता का भी प्रतीक मानी जा रही है।
वर्तमान में मेजर अभिलाषा बराक United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) के तहत लेबनान में भारतीय बटालियन के साथ फीमेल एंगेजमेंट टीम की कमांडर के रूप में कार्यरत हैं। अपने मिशन के दौरान उन्होंने स्थानीय महिलाओं और किशोरियों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें सामाजिक भागीदारी, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया। साथ ही उन्होंने शांति सैनिकों के बीच लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई, जिससे स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर संबंध बनाने और विश्वास कायम करने में सहायता मिली। संयुक्त राष्ट्र ने उनके प्रयासों को महिला सशक्तिकरण और शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया है।
यह सम्मान हर वर्ष उन सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के ‘महिला, शांति और सुरक्षा’ सिद्धांतों को प्रभावी रूप से लागू करने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। वर्ष 2016 में शुरू किए गए इस पुरस्कार का उद्देश्य शांति अभियानों में महिलाओं की भागीदारी, समानता और सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना है। मेजर अभिलाषा बराक को यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रदान किया जाएगा, जिससे वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।
मेजर अभिलाषा बराक पहले भी भारतीय सेना में इतिहास रच चुकी हैं। वह भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट एविएटर के रूप में जानी जाती हैं, जिन्होंने सेना एविएशन कोर में नई मिसाल कायम की थी। सैन्य परिवार से आने वाली उनकी यह उपलब्धि महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है और यह संदेश देती है कि समर्पण, नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में सेवा भावना के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान बनाई जा सकती है। इससे पहले भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों Major Suman Gawani और Major Radhika Sen को भी इसी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं, जो संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता।




