‘किसी देश के खिलाफ नहीं क्वाड’, चीन की टिप्पणी पर भारत ने रखी स्पष्ट बात

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भारत ने चीन की ओर से क्वाड (Quad) को लेकर की गई आलोचनात्मक टिप्पणी का स्पष्ट और संतुलित जवाब देते हुए कहा है कि यह समूह किसी देश के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लोगों के हितों और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से काम करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि क्वाड को किसी सैन्य गठबंधन या किसी विशेष देश को घेरने की रणनीति के रूप में देखना सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मंच क्षेत्रीय स्थिरता, विकास, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और मानवीय सहायता जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। भारत का कहना है कि क्वाड का मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और सहयोग आधारित बनाना है, न कि किसी देश के खिलाफ राजनीतिक या सामरिक मोर्चाबंदी करना।

हाल के दिनों में चीन ने क्वाड को लेकर फिर अपनी चिंता जाहिर की थी और इसे “ब्लॉक कॉन्फ्रंटेशन” यानी गुटबंदी की राजनीति से जोड़ने की कोशिश की। चीन की ओर से कहा गया कि ऐसे मंच क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं और तनाव बढ़ा सकते हैं। इसके जवाब में भारत ने दो टूक कहा कि क्वाड का उद्देश्य किसी राष्ट्र को निशाना बनाना नहीं, बल्कि साझा चुनौतियों का समाधान निकालना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि क्वाड देशों के बीच सहयोग का केंद्र विकास और जनहित है, न कि किसी शक्ति प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना।

दरअसल, क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इन देशों के बीच हाल ही में हुई बैठकों में समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स), ऊर्जा सुरक्षा, नई तकनीकों, साइबर सहयोग, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक और सामरिक चुनौतियों के बीच यह मंच देशों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है।

भारत ने यह भी दोहराया कि क्वाड एक “फोर्स फॉर गुड” यानी सकारात्मक भूमिका निभाने वाला मंच है, जो प्राकृतिक आपदाओं में राहत, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, वैक्सीन सहयोग, बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने में योगदान देता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की विदेश नीति सहयोग, समावेशिता और क्षेत्रीय स्थिरता पर आधारित है। ऐसे में क्वाड को किसी टकराव की राजनीति से जोड़कर देखना वास्तविकता से परे है। भारत का संदेश साफ है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और साझा विकास को मजबूत करना ही इस मंच की प्राथमिकता है।

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