पेपर लीक और परीक्षा घोटालों पर गरमाई राजनीति, यूथ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी विरोध

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परीक्षा प्रणाली में कथित घोटालों, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन का आरोप है कि बीते कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सामने आए विवादों ने छात्रों और युवाओं का भरोसा कमजोर किया है तथा लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। इसी मुद्दे को लेकर यूथ कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन, मार्च और धरना कार्यक्रम आयोजित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है और उन्हें पद से हटाने की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। संगठन का कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई, तो छात्रों का भरोसा बहाल करना कठिन होगा।

यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देशभर में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी कथित गड़बड़ियां युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि विभिन्न परीक्षाओं में तकनीकी कमियों, प्रशासनिक लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के कारण छात्रों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन के तहत कई राज्यों में प्रदर्शन आयोजित किए गए, जहां कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

राजधानी दिल्ली में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकालकर शिक्षा मंत्री के आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा घोटालों के मुद्दे पर सरकार पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है। यूथ कांग्रेस का कहना है कि जब तक छात्रों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रहे विवादों ने सरकारी संस्थानों की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा संचालन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम किया जा सके।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि छात्रों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, तकनीकी रूप से मजबूत तथा पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि जहां भी किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिली है, वहां जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में परीक्षा घोटालों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार और युवाओं की राजनीति का एक अहम मुद्दा बन सकता है।

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