व्यापार से सुरक्षा तक कई मुद्दों पर चर्चा, भारत पहुंचीं ब्रिटेन की विदेश मंत्री

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नई दिल्ली। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के उद्देश्य से ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंची हैं। अपने दौरे के दौरान वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ भारतीय नेताओं और अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी व्यापक सहयोग की समीक्षा करना और भविष्य की साझेदारी को नई दिशा देना है। खास तौर पर भारत-यूके विजन 2035 के तहत तय लक्ष्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

यवेट कूपर की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बैठकों के दौरान भारत और ब्रिटेन वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके अलावा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और साझा हितों से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।

इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के कार्यान्वयन से जुड़ा है। दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस समझौते को आगे बढ़ाया है। हालांकि, कार्बन टैक्स, इस्पात आयात और कुछ नियामकीय मुद्दों को लेकर अब भी कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में दोनों पक्ष इन अड़चनों को दूर कर समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन का रास्ता तलाशने की कोशिश करेंगे। माना जा रहा है कि FTA लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे उद्योग, सेवा क्षेत्र और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।

ब्रिटेन की विदेश मंत्री अपने दौरे के दौरान तकनीकी सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल नवाचार, स्वास्थ्य तकनीक और शैक्षणिक सहयोग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा करेंगी। भारत और ब्रिटेन पिछले कुछ वर्षों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और यह यात्रा उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यवेट कूपर का यह भारत दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत और ब्रिटेन आर्थिक, सामरिक और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में यह यात्रा भविष्य की द्विपक्षीय नीतियों और सहयोग की रूपरेखा तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

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