प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की नारीशक्ति को सलाम करते हुए कहा है कि भारत की महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर आर्थिक जगत, उद्यमिता, शिक्षा, कृषि और नवाचार तक महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई मजबूती मिल रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, बीते वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू की गई विभिन्न योजनाओं और सुधारों का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक न्याय का विषय नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन और ‘लखपति दीदी’ जैसी पहल ने लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाएं अब केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित कर अन्य लोगों को भी अवसर प्रदान कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला वैज्ञानिकों और इंजीनियरों ने अंतरिक्ष मिशनों सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अपनी क्षमता का परिचय दिया है। उनके योगदान ने न केवल भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, बल्कि दुनिया के सामने भारतीय महिलाओं की प्रतिभा और दक्षता का भी परिचय कराया है। उन्होंने कहा कि अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश की लोकतांत्रिक और प्रशासनिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। पंचायतों से लेकर संसद तक महिलाओं की उपस्थिति मजबूत हुई है और वे नीति निर्माण एवं निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए उठाए गए कदम आने वाले समय में देश के विकास को नई दिशा देंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की नारीशक्ति आने वाले वर्षों में नवाचार, उद्योग, विज्ञान, कृषि और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आत्मविश्वास, परिश्रम और संकल्प ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सबसे बड़ी शक्ति साबित होगा और देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।




