‘एक दिन में 94% विदेशी कर्ज चुका सकता है भारत’, फडणवीस ने गिनाईं उपलब्धियां

SHARE:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश अपने कुल विदेशी कर्ज का लगभग 94 प्रतिशत हिस्सा मात्र एक दिन में चुकाने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह बात भारत की मजबूत वित्तीय स्थिति, विशाल विदेशी मुद्रा भंडार और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के संदर्भ में कही। फडणवीस का कहना है कि भारत आज उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और मजबूत आर्थिक आधार मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत का सबसे बड़ा प्रमाण उसका बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार है। विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की बाहरी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने की क्षमता का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। उनके अनुसार भारत के पास इतना बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है कि वह अपने अधिकांश बाहरी ऋण दायित्वों का भुगतान बहुत कम समय में कर सकता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की वित्तीय विश्वसनीयता लगातार मजबूत हुई है और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।

फडणवीस ने वैश्विक मंदी की आशंकाओं को भी खारिज करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना अब पहले की तुलना में अधिक मजबूत और लचीली हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में मजबूत घरेलू मांग, बढ़ता उपभोग, तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा और निरंतर आर्थिक सुधार भारत को अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक सुरक्षित स्थिति में रखते हैं। उनके अनुसार बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती, डिजिटलीकरण, कर सुधार और निवेश-अनुकूल नीतियों ने भी आर्थिक विकास को गति दी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और सुधारों के कारण देश वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक केंद्र बनकर उभरा है। यही वजह है कि कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल मानती हैं।

फडणवीस के अनुसार भारत आज केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण इंजन बनता जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी भारत अपनी मजबूत आर्थिक नीतियों, बढ़ते निवेश और व्यापक विकास कार्यक्रमों के बल पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई देशों में आर्थिक सुस्ती और मंदी को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं, जबकि भारत लगातार विकास और स्थिरता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।

Leave a Comment