योग से मिलेगा तनावमुक्त जीवन, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी का आह्वान

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कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया को योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानव आत्मा की अभिव्यक्ति, आत्म-अनुशासन और आंतरिक शांति का मार्ग है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग आज सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर एक वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है, जो लोगों को स्वास्थ्य, सद्भाव और मानसिक संतुलन के सूत्र में जोड़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि योग व्यक्ति को शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करना सिखाता है। उन्होंने लोगों से योग को केवल एक दिन का आयोजन न मानकर अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि नियमित योग अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक तनाव कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ आयु के लिए योग) रखी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ स्वस्थ और सक्रिय बने रहने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि योग जीवन के हर चरण में उपयोगी है और यह युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है। इस थीम का उद्देश्य लोगों को दीर्घकालिक स्वास्थ्य, गरिमापूर्ण जीवन और बेहतर मानसिक स्थिति के लिए प्रेरित करना है।

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया आज कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में योग एक समग्र समाधान के रूप में सामने आया है। उन्होंने बताया कि योग व्यक्ति को वर्तमान में जीना सिखाता है और जीवन में संतुलन बनाए रखने की शक्ति देता है। उनका कहना था कि योग केवल बीमारी से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर जीवन जीने की कला भी है।

कार्यक्रम में हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। केंद्र सरकार और आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष देश-विदेश में हजारों स्थानों पर योग दिवस के आयोजन किए गए हैं। भारत के अलावा 210 से अधिक भारतीय मिशनों के माध्यम से करीब 2,500 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो योग की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी थी और तब से करोड़ों लोग इससे जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि योग मानवता को जोड़ने वाली शक्ति है और यह स्वस्थ, शांतिपूर्ण तथा संतुलित विश्व के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने लोगों से प्रतिदिन कुछ समय योग और ध्यान के लिए निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन के लिए योग सबसे सरल और प्रभावी साधनों में से एक है। उनके अनुसार, यदि योग को जन-जन की आदत बनाया जाए तो यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बल्कि समाज और राष्ट्र के समग्र कल्याण का आधार बन सकता है।

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