‘योग भारत की अमूल्य धरोहर’, झांसी में सीएम योगी का बड़ा बयान

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया और हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से इसे आज वैश्विक पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और अनुशासित जीवन का आधार भी है।

झांसी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के अधिकांश देशों में योग दिवस उत्साह के साथ मनाया जाता है, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति और वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राचीन परंपराओं, योग, आयुर्वेद और सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई है। उनके नेतृत्व में योग एक जनआंदोलन बनकर उभरा है और करोड़ों लोग इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच प्रदान करता है, जिससे जीवन की चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों से नियमित योग करने की अपील करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली, तनाव और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के दौर में योग एक प्रभावी समाधान है। उन्होंने कहा कि योग न केवल बीमारियों से बचाव में मदद करता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है। योग के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बन सकता है।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विद्यार्थी, सुरक्षा बलों के जवान और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन और प्राणायाम कराए गए। आयोजन स्थल पर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भी योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों और विभिन्न सरकारी संस्थानों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इसके लाभों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लाखों लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ, सकारात्मक और संतुलित जीवन के लिए योग को अपनाने का संदेश दिया।

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