गुजरात के साणंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे सीजी सेमी (CG Semi) के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अत्याधुनिक उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया और चिप निर्माण, असेंबली, पैकेजिंग तथा परीक्षण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने प्लांट में कार्यरत इंजीनियरों, तकनीशियनों और कर्मचारियों से सीधा संवाद करते हुए उनके अनुभव, प्रशिक्षण और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ वर्ष पहले भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने का जो लक्ष्य तय किया गया था, वह अब तेजी से साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों का भविष्य सेमीकंडक्टर पर आधारित है और भारत के युवा इस तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजार में भारत की नई पहचान बनेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि साणंद का यह प्लांट देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई गति देगा। उन्होंने बताया कि इस इकाई में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा कार्यरत हैं, जो भारत की विविधता और तकनीकी क्षमता का प्रतीक हैं। उनके अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं न केवल उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर पैदा करेंगी, बल्कि भारत की आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में देश की भागीदारी बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, OSAT प्लांट सेमीकंडक्टर उद्योग की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां चिप्स की असेंबली, पैकेजिंग और परीक्षण किया जाता है। साणंद में स्थापित यह आधुनिक सुविधा भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण उद्योग को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने में मदद करेगी। सरकार का लक्ष्य देश में संपूर्ण सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करना है, ताकि भारत चिप निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सके। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जबकि यहां निर्मित सेमीकंडक्टर उत्पादों के जापान, अमेरिका और यूरोप सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात की भी संभावना जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी।




