बारिश बनी आफत: महाराष्ट्र में 13 मौतें, भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन प्रभावित

SHARE:

महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में भारी वर्षा, जलभराव, भूस्खलन, मकान ढहने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं में अब तक कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं। सबसे अधिक असर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, पुणे, नासिक, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पश्चिमी घाट के इलाकों में देखने को मिला है। लगातार बारिश के कारण सड़क और रेल यातायात बाधित हो गया है, कई निचले इलाके जलमग्न हैं और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पालघर, रायगढ़ तथा पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अत्यधिक से लेकर अति-भारी बारिश, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। मुंबई, ठाणे और अन्य तटीय जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

बारिश के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और घाट मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ीं, जबकि स्थानीय रेल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। वसई-विरार समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण बिजली और इंटरनेट सेवाएं घंटों बाधित रहीं। सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई, पालघर, रायगढ़, ठाणे, नवी मुंबई, रत्नागिरी, पुणे और नासिक के कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है।

राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अफवाहों से बचें और अनावश्यक यात्रा न करें। प्रशासन ने निजी कार्यालयों को जहां संभव हो वहां ‘वर्क फ्रॉम होम’ की व्यवस्था अपनाने की भी सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे महाराष्ट्र के कई हिस्सों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। विशेष रूप से पश्चिमी घाट और तटीय क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आधिकारिक मौसम और प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है।

Leave a Comment