सिक्किम के नामची जिले में NHPC की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरंग के प्रवेश द्वार पर अचानक हुए भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे कई मजदूर फंस गए। प्रशासन के अनुसार, अब तक इस हादसे में 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय सुरंग के भीतर करीब 27 मजदूर मौजूद थे। रेस्क्यू टीमों का मानना है कि अभी भी कुछ श्रमिक अंदर फंसे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), दमकल विभाग और NHPC की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने के साथ-साथ सुरंग के भीतर ऑक्सीजन और अन्य जरूरी संसाधन पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, सुरंग के अंदर गैस रिसाव की आशंका, ऑक्सीजन की कमी, अंधेरा और लगातार गिरते मलबे के कारण रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बचावकर्मी बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हादसे की वजह सुरंग के प्रवेश द्वार पर हुआ भूस्खलन हो सकता है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में मिथेन गैस रिसाव या गैस विस्फोट की आशंका भी जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। सिक्किम सरकार ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तैनात किया है और राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में जारी है, जबकि मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी चल रही है।
हिमालयी क्षेत्रों में सुरंग निर्माण के दौरान भूस्खलन और भू-वैज्ञानिक चुनौतियों को देखते हुए विशेषज्ञ इस तरह की परियोजनाओं में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि सुरंग के भीतर फंसे प्रत्येक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालने तक राहत एवं बचाव अभियान बिना रुके जारी रहेगा। साथ ही, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच भी कराई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




