प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन: गुजरात से काशी तक खास आयोजन, नेताओं ने दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा, सामाजिक सरोकार और जनभागीदारी से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए उनके लंबे सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने भी अलग-अलग संदेशों के माध्यम से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई नेताओं ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन और देश से जुड़े उनके कार्यों का उल्लेख करते हुए संदेश जारी किए।

मुख्यमंत्रियों ने भी दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी उन्हें बधाई दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक संदेशों के जरिए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। इन संदेशों में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक अनुभव और देश के विकास से जुड़े उनके कार्यों का उल्लेख किया गया।

25 साल के सार्वजनिक जीवन से जुड़ा है इस बार का आयोजन

इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि उनके सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने का अवसर भी आया है। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 वर्ष कार्य करने के बाद वह 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद से वह लगातार प्रधानमंत्री पद पर हैं। इसी 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों में सेवा और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

वडनगर से वाराणसी तक दिख रहा उत्सव का माहौल

प्रधानमंत्री मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। यही वजह है कि इस वर्ष जन्मदिन से जुड़े कार्यक्रमों में वडनगर और वाराणसी दोनों स्थानों पर विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। गुजरात में जन्मदिन के अवसर पर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। अहमदाबाद में हजारों दीप जलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पौधारोपण, गौसेवा और अन्य सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। सूरत में भी बड़ी संख्या में मिट्टी के दीप जलाकर प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर कार्यक्रम किया गया।

काशी में भी विशेष कार्यक्रमों की तैयारी

प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में भी जन्मदिन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। काशी में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेवा गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के साथ उनके 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को भी केंद्र में रखा गया है। स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ओर से विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के आयोजन की जानकारी सामने आई है।

वडनगर और वाराणसी को जोड़ने वाली यात्रा भी चर्चा में

प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर और लोकसभा क्षेत्र वाराणसी को जोड़ने के लिए सेवा संकल्प से संबंधित यात्रा का भी आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत बाइक यात्रा और विभिन्न सेवा गतिविधियों की योजना बनाई गई है। यात्रा के दौरान स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण और सामाजिक जागरूकता से संबंधित गतिविधियों को शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर को जनभागीदारी से जोड़ना है।

देशभर में रक्तदान और सेवा कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर देश के कई हिस्सों में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण और जरूरतमंद लोगों के लिए सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। दिल्ली समेत कई स्थानों पर रक्तदान शिविरों की तैयारियां की गई हैं। इसके अलावा भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की ओर से विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने की अपील

प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने लोगों से शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच घरों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने की अपील की। पार्टी की ओर से इसे प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुभकामना और जनभागीदारी से जोड़कर देखा गया है। कई स्थानों पर दीप प्रज्वलन और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की भी योजना बनाई गई।

विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों को प्रधानमंत्री का संदेश

17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देश के कारीगरों, शिल्पकारों और हुनरमंद लोगों को शुभकामनाएं दीं। उनके संदेश में मेहनत, कौशल और निर्माण से जुड़े लोगों के योगदान का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के दिन विश्वकर्मा जयंती होने के कारण दोनों अवसरों से जुड़े कार्यक्रम भी कई जगहों पर एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं।

वडनगर से शुरू हुआ सफर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत गुजरात से हुई और 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला। वर्ष 2014 में वह पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इस वर्ष उनका जन्मदिन उनके 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण भी विशेष रूप से चर्चा में है। वडनगर से लेकर वाराणसी और देश के दूसरे हिस्सों तक जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में सेवा, सामाजिक गतिविधियों और जनभागीदारी को प्रमुखता दी जा रही है।

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