कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के मौके पर पश्चिम बंगाल में 17 सितंबर को ‘अन्नपूर्णा दिवस’ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्य सरकार की अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को सितंबर महीने की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस महीने करीब 1.58 करोड़ से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिलने जा रहा है। अगस्त में यह संख्या लगभग 1.48 करोड़ थी। यानी सितंबर में करीब 10 लाख अतिरिक्त महिलाओं को योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
अन्नपूर्णा योजना पश्चिम बंगाल सरकार की महिला-केंद्रित आर्थिक सहायता योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करना है। सरकारी नियमों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 25 से 60 वर्ष की आयु वाली पात्र महिला निवासी इस योजना के दायरे में आ सकती हैं। हालांकि, सरकारी नौकरी करने वाली, नियमित सरकारी वेतन या पेंशन पाने वाली और आयकर देने वाली महिलाओं के लिए पात्रता संबंधी अलग प्रावधान हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अन्नपूर्णा दिवस मनाने की घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले की थी। इसके बाद 17 सितंबर को राज्यभर में योजना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कोलकाता सहित कई स्थानों पर लाभार्थी महिलाओं के लिए कार्यक्रम रखे गए हैं। सरकार की ओर से सितंबर की किस्त की राशि पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। भुगतान आधार-लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे राशि सीधे लाभार्थी तक पहुंच सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना का उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं तक प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाली पहल के रूप में गिनाया है। जून 2026 में पश्चिम बंगाल दिवस से जुड़े कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य की नई सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं और पहलों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि अन्नपूर्णा योजना के जरिए माताओं और बहनों तक प्रत्यक्ष लाभ पहुंचना शुरू हो गया है। इसी दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी पहलों का भी उल्लेख किया था।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए यह भी कहा था कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अन्नपूर्णा योजना को भी इसी प्रत्यक्ष लाभ व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि इसके तहत आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर अन्नपूर्णा योजना के अलावा पीएम विश्वकर्मा योजना से संबंधित कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अनुसार, पीएम विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ से जुड़ा कार्यक्रम 17 सितंबर को कोलकाता के धनो-धान्यो ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाना है। केंद्र सरकार के अनुसार, पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में पीएम विश्वकर्मा योजना को राज्य में लागू करने का फैसला किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में कारीगरों और पारंपरिक काम से जुड़े लोगों को योजना के तहत पंजीकरण और प्रशिक्षण की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
अन्नपूर्णा योजना को लेकर इससे पहले भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आई थीं। अगस्त में योजना के पोर्टल में तकनीकी दिक्कत की खबरें आई थीं, जिसके कारण कुछ लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि नहीं मिलने की बात कही गई थी। कुछ स्थानों पर महिलाओं द्वारा भुगतान में देरी को लेकर विरोध जताने की खबरें भी सामने आई थीं। इसके बाद प्रशासन की ओर से तकनीकी समस्या को दूर करने और पात्र लाभार्थियों तक राशि पहुंचाने की बात कही गई थी।
सितंबर महीने में योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1.58 करोड़ से अधिक होने को राज्य सरकार की ओर से महत्वपूर्ण विस्तार के रूप में बताया गया है। अगस्त में करीब 1.48 करोड़ महिलाओं को भुगतान किए जाने के बाद सितंबर में लगभग 10 लाख अतिरिक्त महिलाओं को इसमें शामिल किया गया है। पात्र लाभार्थियों को 3,000 रुपये की मासिक सहायता राशि DBT के जरिए उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजी जा रही है।
इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पश्चिम बंगाल में ‘अन्नपूर्णा दिवस’ के जरिए महिला लाभार्थियों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को भी सामने रखा जा रहा है। अन्नपूर्णा योजना के अलावा आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का भी सरकारों की ओर से उल्लेख किया गया है। हालांकि किसी भी योजना का लाभ संबंधित पात्रता, दस्तावेज और सरकारी नियमों को पूरा करने वाले लाभार्थियों को ही मिलता है।




