प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत चल रही सेवा यात्रा में शामिल युवाओं से संवाद किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बातचीत में प्रधानमंत्री ने यात्रा में शामिल युवाओं से उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यात्रा के दौरान गांवों और अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से मुलाकात, सेवा गतिविधियों तथा स्थानीय समुदायों के साथ हुए संवाद के बारे में भी जाना। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी यात्राएं सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों और वहां रहने वाले लोगों को करीब से समझने का अवसर देती हैं।
सेवा संकल्प यात्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किए जा रहे व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जोड़ा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। अभियान के तहत सेवा, जनभागीदारी, सामाजिक जुड़ाव और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सेवा यात्रा के माध्यम से युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों के साथ सीधे संवाद करने और सेवा गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दिया जा रहा है।
इस यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा वडनगर और वाराणसी को जोड़ना है। यात्रा में शामिल युवा अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए कस्बों, जिलों, तहसीलों और गांवों तक पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय लोगों से बातचीत करने के साथ स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, श्रमदान और अन्य सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। यात्रा का उद्देश्य युवाओं को समाज के विभिन्न वर्गों के करीब लाना और उन्हें जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों का अनुभव कराना बताया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद के दौरान युवाओं से विशेष रूप से यह जानने की कोशिश की कि यात्रा के दौरान उन्हें किस तरह के अनुभव मिल रहे हैं। उन्होंने पूछा कि अलग-अलग इलाकों में लोगों से मिलने और उनके बीच समय बिताने से उन्हें क्या सीख मिली। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विविधता को केवल किताबों या तस्वीरों के माध्यम से नहीं समझा जा सकता। देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर वहां के लोगों के साथ बातचीत करने पर उनकी जीवनशैली, परंपराओं, संस्कृति और स्थानीय परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि यात्रा के दौरान लोगों से जुड़ना अपने आप में एक महत्वपूर्ण और अद्भुत अनुभव है। उन्होंने सेवा यात्रियों को सलाह दी कि वे इस सफर को केवल निर्धारित कार्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रखें, बल्कि रास्ते में मिलने वाले लोगों से बातचीत करें और उनके अनुभवों को समझने की कोशिश करें। उनके मुताबिक, समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच जाकर उनकी बातें सुनने से युवाओं को नई सीख और ऊर्जा मिल सकती है।
सेवा यात्रा के दौरान युवाओं का स्थानीय समुदायों के साथ सीधा संपर्क भी हो रहा है। यात्रा में शामिल प्रतिभागी कई स्थानों पर ग्रामीणों, युवाओं, किसानों और अन्य सामाजिक समूहों से बातचीत कर रहे हैं। इसके अलावा स्कूलों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य सामुदायिक स्थानों पर भी सेवा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने की जानकारी सामने आई है। इस तरह यात्रा को जनसेवा और जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा संकल्प यात्रा में बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 20 टीमें वडनगर और वाराणसी के बीच यात्रा करते हुए कुल मिलाकर लगभग 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। यात्रा की शुरुआत 17 सितंबर से हुई है और इसके विभिन्न चरण 7 अक्टूबर तक चलने हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा यात्रियों से बातचीत के दौरान सेवा को अभियान का केंद्रीय उद्देश्य बताया था। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सेवा की भावना केवल भाषणों या विचारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार और वास्तविक काम के माध्यम से सामने लाना चाहिए। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं को अपनी सेहत और सुरक्षा का भी ध्यान रखने की सलाह दी थी। कई प्रतिभागियों ने यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से मिले स्वागत और अपनापन के अनुभव भी साझा किए।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सेवा यात्रा के अलावा कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आधिकारिक जानकारी में ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग–राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया है। इन कार्यक्रमों के जरिए सेवा गतिविधियों और जनभागीदारी को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, सेवा संकल्प यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं से संवाद अभियान के उस हिस्से को सामने लाता है, जिसमें युवाओं को सीधे समाज और स्थानीय समुदायों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यात्रा के दौरान लोगों से बातचीत, स्थानीय समस्याओं और जीवनशैली को समझने तथा विभिन्न सेवा गतिविधियों में भाग लेने के जरिए प्रतिभागियों को जमीनी अनुभव मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने भी युवाओं को इस अनुभव को केवल यात्रा तक सीमित न रखते हुए इससे मिलने वाली सीख को आगे के जीवन में उपयोग करने का संदेश दिया।




