AI पर बोले पीएम– ‘बिना नेटवर्क का सिम कार्ड बन जाएंगे पुराने सिस्टम’

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ब्रिक्स सम्मेलन 2025 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वैश्विक बहस का केंद्र बना रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक को मानवता के लिए लाभकारी बनाने की अपील की और साथ ही एक बड़ी घोषणा भी की— अगले साल भारत ‘AI Impact Summit’ की मेजबानी करेगा।

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि,

“AI तकनीक हर हफ्ते अपडेट हो रही है, लेकिन 20वीं सदी के बने अंतरराष्ट्रीय संस्थान 21वीं सदी की तकनीकी चुनौतियों से निपटने में पीछे हैं। अगर उन्हें अपडेट नहीं किया गया, तो वे बिना नेटवर्क वाले सिम कार्ड जैसे हो जाएंगे।”

क्या बोले पीएम मोदी?

  • “AI का विकास जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।”

  • “हमें AI से जुड़े डिजिटल कंटेंट की प्रामाणिकता और ट्रैसबिलिटी सुनिश्चित करनी चाहिए।”

  • “AI किसी को भ्रमित करने या समाज को बांटने का माध्यम न बने, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।”

    ग्लोबल साउथ की आवाज़ बने भारत

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) को अक्सर दोहरे मापदंडों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने ब्रिक्स मंच से अपील की कि वैश्विक संस्थाएं समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी हों।

  • टेक्नोलॉजी नहीं, सहयोग चाहिए

    मोदी ने चेताया कि जरूरी खनिज, टेक्नोलॉजी और डेटा को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक को सहयोग, सुरक्षा और लचीलापन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाए।

  • AI Impact Summit 2026: भारत देगा दिशा

    ब्रिक्स मंच से पीएम मोदी ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 2026 में भारत एक वैश्विक AI Impact Summit आयोजित करेगा, जिसमें ब्रिक्स देश और अन्य सहयोगी राष्ट्र शामिल होंगे। इसका उद्देश्य होगा:
    ✅ जिम्मेदार AI विकास
    ✅ वैश्विक मानकों पर संवाद
    ✅ तकनीकी समावेशन

  • निष्कर्ष:

    ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी की बातों ने साफ कर दिया कि भारत न केवल AI के इस्तेमाल में लीड लेना चाहता है, बल्कि उसकी दिशा तय करने में भी अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है। अब सभी की नजरें टिकी हैं 2026 में होने वाले AI समिट पर, जहां विश्व की बड़ी ताकतें नई तकनीकी नीति पर मंथन करेंगी।

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