बरेली में शनिवार को नगर निगम और विकास प्राधिकरण (बीडीए) की संयुक्त टीम ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। सैलानी क्षेत्र, जो श्यामगंज के पास स्थित है, में मुख्य सड़कों के दोनों किनारों पर बनी लगभग 400 दुकानों के बाहर के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, दुकानों के सामने बनाए गए स्लैब, टिन शेड और नालों पर डाले गए पक्के ढांचे को ध्वस्त किया गया। अभियान दोपहर करीब 1:45 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चला। कार्रवाई के दौरान नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय सहित नगर निगम और बीडीए के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान शहर में चल रही अतिक्रमण विरोधी नीति के तहत किया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस कार्रवाई को लेकर नाराज़गी देखने को मिली। कई दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय या नोटिस नहीं दिया गया, जबकि प्रशासन का कहना है कि संबंधित दुकानदारों को पहले ही चेतावनी जारी की गई थी और सार्वजनिक रास्तों तथा नालों पर किए गए निर्माण पूरी तरह अवैध थे। प्रशासन ने इसे शहर की यातायात व्यवस्था और जनसुविधा बहाल करने की ज़रूरत बताया।
इसी बीच बीडीए की टीम ने अन्य इलाकों में भी कार्रवाई की, जिसमें जखीरा स्थित रज़ा पैलेस (नफीस का बरातघर) को ध्वस्त किया गया। इसके साथ ही फरहत खां के घर को सील किया गया और कुछ अन्य दुकानों पर भी सील लगाने की कार्रवाई की गई। यह सभी कदम नगर निगम की समीक्षा और भवन नियमों के उल्लंघन के मामलों की जांच के बाद उठाए गए हैं। शहर में हाल ही में हुई अशांति और बवाल की घटनाओं के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे सख्त कदम उठाने शुरू किए हैं।
प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के अन्य हिस्सों में भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नागरिक संगठनों और कुछ विपक्षी नेताओं ने यह सवाल उठाया है कि क्या ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित लोगों को नोटिस, सुनवाई और वैकल्पिक व्यवस्था का अवसर मिलना चाहिए।
फिलहाल नगर निगम और बीडीए दोनों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी विशेष व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि शहर को अतिक्रमण-मुक्त बनाने और नागरिकों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित व सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। प्रशासन ने अपील की है कि व्यापारी सहयोग करें ताकि आगे किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी से बचा जा सके।




