लेह हिंसा: जेल से सोनम वांगचुक की शांति की अपील, न्यायिक जांच की मांग

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लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जोधपुर केंद्रीय जेल से एक भावनात्मक अपील जारी की है। उन्होंने लेह में हाल ही में हुई हिंसा को लेकर लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि वह हिंसा में मारे गए लोगों की मौतों की निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग करते हैं और जब तक जांच शुरू नहीं होती, वे जेल में ही रहना पसंद करेंगे। उन्होंने लोगों से गांधीवादी और अहिंसक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आग्रह किया तथा मृतक परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

गौरतलब है कि लेह में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं, जिनमें चार लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, हालांकि स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

सोनम वांगचुक को हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वे वर्तमान में जोधपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसमें उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की है।

वांगचुक की गिरफ्तारी ने लद्दाख की स्वायत्तता, छठी अनुसूची की मांग और क्षेत्रीय अधिकारों पर चल रहे आंदोलन को और तेज़ कर दिया है। उनके समर्थकों का कहना है कि वांगचुक हमेशा शांतिपूर्ण और गांधीवादी आंदोलन में विश्वास करते हैं और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि हाल की घटनाओं में कुछ तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिस पर कार्रवाई की गई।

फिलहाल, जेल से आई सोनम वांगचुक की शांति अपील ने क्षेत्र में लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है। उन्होंने दोहराया कि संघर्ष का रास्ता हिंसा नहीं, बल्कि संवाद और न्याय के माध्यम से निकलना चाहिए। लद्दाख के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि न्यायिक जांच से सच सामने आएगा और क्षेत्र में शांति और स्थिरता फिर से बहाल होगी।

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