मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिछले महीने 19 सितंबर को नम्बोल (बिशनुपुर जिले) में असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले के सिलसिले में की गई है। उस हमले में दो जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर राज्य के विभिन्न इलाकों में संयुक्त अभियान के तहत अंजाम दी।
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में दो प्रमुख आरोपी — थौंग्राम सदानंद सिंह उर्फ पुरकपा और खोमद्रम ओजित सिंह उर्फ केइलाल — शामिल हैं, जो हमले की योजना और उसे अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे। इन आरोपितों के पास से सुरक्षा बलों ने हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया था और इसमें स्थानीय उग्रवादियों के साथ-साथ बाहरी तत्वों की भी संलिप्तता हो सकती है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई व्यापक जांच का हिस्सा है और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला संभवतः राज्य में अस्थिरता फैलाने और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया था। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को लेकर कई कोणों से जांच कर रही हैं, जिसमें बाहरी फंडिंग, हथियार सप्लाई चेन और स्थानीय समर्थन नेटवर्क शामिल हैं।
घटना के बाद से मणिपुर के कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। असम राइफल्स और स्थानीय पुलिस बलों ने मिलकर गश्त और छापेमारी की गतिविधियाँ तेज कर दी हैं ताकि किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
गौरतलब है कि पीएलए (PLA) मणिपुर का एक पुराना और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन है, जो लंबे समय से राज्य में अलगाववादी गतिविधियों और हथियारबंद आंदोलनों में शामिल रहा है। यह संगठन भारत सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि PLA का उद्देश्य पूर्वोत्तर में अस्थिरता पैदा करना और सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले कर सरकारी नियंत्रण को चुनौती देना है।
वर्तमान में सभी गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा बल इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेंगे। यह कार्रवाई मणिपुर में उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों के लगातार अभियान की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।




