बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर महीनों से चल रहा इंतजार अब समाप्त होने जा रहा है। चुनाव आयोग (Election Commission of India) आज यानी सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। आयोग की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पटना में होगी, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य अधिकारी चुनावी कार्यक्रम, मतदान की तारीखें, नामांकन और मतगणना की जानकारी साझा करेंगे। यह घोषणा उस समय हो रही है जब आयोग ने बिहार में अपनी दो दिवसीय समीक्षा बैठक पूरी कर ली है, जिसमें सुरक्षा, मतदाता सूची, बूथ व्यवस्था और लॉजिस्टिक तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, ऐसे में आयोग को इससे पहले नई विधानसभा का गठन कराना अनिवार्य है। पिछले कुछ महीनों में आयोग ने राज्य में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR)’ अभियान चलाया, जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया गया। इस प्रक्रिया में लगभग 21.53 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि करीब 3.66 लाख नाम हटाए गए। अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.42 करोड़ के आसपास पहुंच गई है। आयोग का दावा है कि यह बिहार की अब तक की सबसे “शुद्ध” मतदाता सूची है, जिसे 22 साल बाद पूरी तरह अपडेट किया गया है।
हालांकि, विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम बिना जानकारी के काटे गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में दाखिल याचिकाओं पर गंभीरता से सुनवाई शुरू की है और आयोग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके बावजूद चुनाव आयोग का कहना है कि SIR प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई है और इसे अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनाया जा सकता है। आयोग ने इस बार 17 नए चुनाव सुधारों की घोषणा की है, जिनमें पारदर्शिता बढ़ाने, मतदान प्रतिशत सुधारने और मतदाता सत्यापन प्रणाली को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार बिहार में चुनाव तीन चरणों में कराए जाने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि मतदान की संभावित तारीखें 5 नवंबर से 15 नवंबर के बीच हो सकती हैं। कई राजनीतिक दलों ने सुझाव दिया है कि मतदान छठ पूजा के बाद कराया जाए ताकि मतदाता अपने-अपने जिलों में मौजूद रह सकें। अंतिम निर्णय आज आयोग द्वारा घोषित शेड्यूल से स्पष्ट होगा।
राजनीतिक रूप से देखा जाए तो इस बार का मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और इंडिया ब्लॉक (INDIA Alliance) के बीच होने जा रहा है। NDA में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) शामिल हैं, जबकि INDIA ब्लॉक में राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और वाम दल एकजुट हैं। दोनों गठबंधनों ने चुनाव प्रचार की तैयारियों को तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेता इस महीने राज्य में कई सभाएं करने वाले हैं।
आज शाम चुनाव आयोग द्वारा जैसे ही तारीखों का ऐलान होगा, पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी और राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करेंगे। आने वाले कुछ सप्ताहों में बिहार का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है, क्योंकि यह चुनाव न केवल सत्ता परिवर्तन बल्कि राज्य के राजनीतिक समीकरणों को भी नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।




