मैथिली ठाकुर के समर्थन में अलीनगर पहुंचे अमित शाह, कहा—बिहार अब बदलाव की राह पर

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बिहार विधानसभा चुनाव में जैसे-जैसे मतदान की तारीखें नजदीक आ रही हैं, सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने हाल ही में राज्य के विभिन्न इलाकों में चुनावी रैलियाँ कीं और भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर के पक्ष में वोट मांगते हुए विपक्ष पर तीखे हमले किए। शाह ने अपने भाषणों में कहा कि यह चुनाव ‘‘विकास बनाम जंगलराज’’ की लड़ाई है, जहां जनता को तय करना है कि वह बिहार को पिछली अराजकता की ओर ले जाएगी या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की दिशा में आगे बढ़ेगी।

लोकप्रिय लोकगायिका और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनीं मैथिली ठाकुर को भाजपा ने अलीनगर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। शाह ने रैली में कहा कि मैथिली ठाकुर न केवल बिहार की बेटी हैं, बल्कि युवाओं की नई आवाज भी हैं, जो संस्कृति और विकास दोनों की बात करती हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में मतदान कर भाजपा को बहुमत दिलाएँ, ताकि बिहार में स्थिर और विकासशील सरकार बन सके।

अमित शाह ने अपने भाषणों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी पर भी सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि लालू यादव के शासनकाल में बिहार ने केवल भ्रष्टाचार, अपराध और अराजकता देखी थी। शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की राजनीति सिर्फ वंशवाद तक सीमित है, जबकि भाजपा ‘‘सबका साथ, सबका विकास’’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने जनता को चेतावनी दी कि अगर लालू और कांग्रेस की सरकार बनी, तो फिर से वही ‘जंगलराज’ लौट आएगा जिसे बिहार की जनता कभी नहीं भूल सकती।

रैली के दौरान अमित शाह ने यह भी कहा कि भाजपा ने बिहार में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की विस्तार से चर्चा की और कहा कि ‘‘डबल इंजन की सरकार’’ ही बिहार को आत्मनिर्भर बना सकती है। शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश के प्रत्येक जिले में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

भाजपा की चुनावी रणनीति में मैथिली ठाकुर को एक महत्वपूर्ण चेहरा माना जा रहा है। लोकगायिकी से लेकर सामाजिक सरोकार तक, उन्होंने युवाओं और महिलाओं में लोकप्रियता हासिल की है। पार्टी का मानना है कि मैथिली ठाकुर जैसे युवा और शिक्षित चेहरे से भाजपा को सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से नई ऊर्जा मिलेगी। उनके लिए प्रचार में न केवल अमित शाह बल्कि राज्य के कई वरिष्ठ नेता भी लगातार जनसभाएँ कर रहे हैं।

राज्य में दो चरणों में चुनाव होने हैं — पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को निर्धारित है। मतगणना 14 नवंबर को होगी। जैसे-जैसे मतदान की तिथियाँ करीब आ रही हैं, भाजपा और राजद-कांग्रेस गठबंधन दोनों ही दल अपनी-अपनी रैलियों से माहौल को अपने पक्ष में करने में जुटे हुए हैं। अमित शाह की इस रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने सभा स्थल को भर दिया।

अंततः अमित शाह की रैली का मकसद सिर्फ प्रचार नहीं बल्कि यह संदेश देना भी था कि भाजपा का ध्यान विकास, सुरक्षा और स्थिर शासन पर है। उन्होंने कहा कि ‘‘बिहार की जनता अब झूठे वादों और पारिवारिक राजनीति से तंग आ चुकी है’’ और अब वह उस सरकार को चुनेगी जो ‘‘बोलती नहीं, बल्कि करके दिखाती है’’। इस तरह, मैथिली ठाकुर के समर्थन में अमित शाह की यह रैली भाजपा के लिए न सिर्फ राजनीतिक बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण साबित हुई है।

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