महागठबंधन की रैली में राहुल बोले – ‘देश को दो भागों में बाँटने की साज़िश चल रही है’

SHARE:

बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में आज एक खतरनाक विभाजन पैदा किया जा रहा है — एक तरफ़ अमीरों, उद्योगपतियों और विशेष वर्ग के लिए हिन्दुस्तान बनाया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ़ गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं के लिए अलग हिन्दुस्तान तैयार हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ़ सत्ता के लिए राजनीति करते हैं और वोट हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उनके मुताबिक, भाजपा की नीतियाँ आम जनता के हितों की बजाय कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने पर केंद्रित हैं।

राहुल गांधी ने अपने भाषणों में बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के जरिये कुछ मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं ताकि चुनावी लाभ हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है और जनता को अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहना चाहिए। राहुल ने जनता से अपील की कि वे अपने मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी अनियमितता के खिलाफ आवाज उठाएं।

कांग्रेस नेता ने महागठबंधन के अन्य नेताओं, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी यादव के साथ संयुक्त रैलियों में हिस्सा लिया। उन्होंने रोजगार, पलायन और बिहार में निवेश बढ़ाने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। राहुल ने कहा कि बिहार के युवाओं को राज्य से बाहर काम करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। ‘मेड इन बिहार’ अभियान की बात करते हुए उन्होंने स्थानीय उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

भाजपा ने राहुल गांधी के बयानों का कड़ा जवाब दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस विपक्ष की राजनीति को भ्रम और झूठ के सहारे आगे बढ़ा रहे हैं। भाजपा ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का ध्यान गरीबों के उत्थान, विकास योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे बिहार का चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

इस बीच, चुनाव आयोग ने भी मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आयोग हर वैध शिकायत की जांच करेगा और राजनीतिक दलों को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का संशोधन एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें त्रुटियों के सुधार के लिए जनता की भागीदारी आवश्यक है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की यह रणनीति महागठबंधन के चुनाव अभियान का केंद्रीय हिस्सा बन गई है। वे रोजगार, संवैधानिक अधिकार और लोकतंत्र की सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर भाजपा की नीतियों को चुनौती दे रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा विकास, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था को चुनावी एजेंडा बना रही है। ऐसे में बिहार का यह चुनाव न सिर्फ़ राजनीतिक दलों की ताकत की परीक्षा है, बल्कि राज्य के मतदाताओं की सोच और लोकतंत्र के भविष्य की दिशा भी तय करेगा।

Leave a Comment