महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक बड़े और दूरदर्शी प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण करते हुए बताया कि सरकार एक व्यापक भूमिगत मार्ग-नेटवर्क विकसित करने की तैयारी में है, जिसे उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में ‘पाताल लोक’ का नाम दिया। यह भूमिगत सड़क प्रणाली सतह पर मौजूद मौजूदा सड़कों के समानांतर चलेगी और बड़े पैमाने पर ट्रैफिक को जमीन के नीचे डायवर्ट करके सड़क स्तर पर जाम कम करेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह योजना लागू होने पर मुंबई के ट्रैफिक हालात में उल्लेखनीय सुधार दिखाई देगा।
सरकार की अवधारणा के मुताबिक, प्रस्तावित भूमिगत सुरंगें शहर के प्रमुख कॉरिडोरों को आपस में जोड़ेंगी। इससे कई व्यस्त मार्गों पर वाहन दबाव प्राकृतिक रूप से बंटेगा और यात्रा समय में कमी आएगी। इस परियोजना को मुंबई में तेजी से बढ़ते मेट्रो नेटवर्क के साथ भी जोड़ा जाएगा, ताकि शहर का ट्रांसपोर्ट सिस्टम एक समन्वित मॉडल के रूप में काम कर सके। इसके लिए MMRDA ने भूमिगत टनल रोड सिस्टम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, शहर के कई इलाकों को जोड़ने वाली यह सुरंगें कोस्टल रोड, एक्सप्रेसवे और बड़े मेट्रो कॉरिडोरों का पूरक बनकर व्यापक यातायात समाधान प्रदान कर सकती हैं।
मुंबई में हाल के महीनों में ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन की भीड़ पर चिंता बढ़ी है। लोकल ट्रेन और स्टेशन क्षेत्रों में ओवरक्राउडिंग की कई घटनाओं के बाद सरकार ने शहर में भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। भूमिगत सड़क योजना के साथ-साथ सरकार समय बदलने की नीति, रोपवे कॉरिडोर, उपनगरीय रेलवे सुधार और बस सेवाओं को सुदृढ़ करने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत सड़क परियोजनाएँ तकनीकी और आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। मुंबई की भौगोलिक संरचना, भूमिगत जलस्तर, पुरानी सुरंगों और यूटिलिटी लाइनों का जटिल नेटवर्क निर्माण के रास्ते में बड़ी बाधाएं बन सकता है। इसके अलावा, परियोजना की लागत और समयसीमा भी महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि डीपीआर तैयार होते ही परियोजना के तकनीकी पहलुओं, पर्यावरण प्रभाव और वित्तपोषण मॉडल पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। सरकार यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि बड़े स्तर पर निर्माण कार्य के दौरान शहर की रोजमर्रा की गतिविधियों पर न्यूनतम असर पड़े। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी पहलुओं की गहन समीक्षा के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि यह योजना न केवल तकनीकी रूप से सुरक्षित बल्कि भविष्य के लिए टिकाऊ भी साबित हो।
समग्र रूप से देखा जाए तो ‘पाताल लोक’ जैसा भूमिगत सड़क नेटवर्क मुंबई के भविष्य के परिवहन ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। हालांकि, अभी यह योजना अवधारणा और अध्ययन चरण में है, लेकिन यदि इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में मुंबई की भीड़भाड़ कम करने और यातायात को सुचारू बनाने में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।




