चुनाव आयोग की उच्चस्तरीय बैठक में SIR प्रगति की समीक्षा, कई राज्यों को मिल सकता है अतिरिक्त समय

SHARE:

चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समीक्षा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची अद्यतन से जुड़ी प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। बैठक के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कई राज्यों में फॉर्म-6, 7, 8 और 8A के संग्रह, सत्यापन तथा डिजिटाइज़ेशन की प्रक्रिया निर्धारित समयानुसार पूरी नहीं हो पाई है, जिसके चलते आयोग ने समयसीमा बढ़ाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया। जिन राज्यों में देरी दर्ज की गई है, उनमें अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुदुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल बताए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में तकनीकी अड़चनें, स्थानीय व्यवस्थागत चुनौतियाँ, मौसम प्रभाव और कई जगह BLO की सुरक्षा संबंधी दिक्कतों के कारण दस्तावेज़ीकरण व डेटा-एंट्री का कार्य धीमा रहा।

बैठक में मिली प्रगति रिपोर्टों से पता चला कि पिछले विस्तार के बावजूद कई जिलों में बूथ-स्तर सत्यापन अपेक्षित गति से नहीं हो पाया, जिसके मद्देनज़र आयोग ने संबंधित राज्यों द्वारा भेजे गए अतिरिक्त समय के अनुरोधों पर विचार किया। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश ने अधिक समय की मांग की है ताकि मृतक मतदाताओं, स्थानांतरित लोगों और अनुपस्थित प्रविष्टियों की सही तरह से जांच की जा सके। आयोग की समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुछ राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन की प्रक्रिया पर भी देरी का प्रभाव पड़ा है। साथ ही, पहले जारी निर्देशों में दिसंबर मध्य में ड्राफ्ट सूची और फरवरी 2026 में अंतिम सूची प्रकाशित किए जाने की रूपरेखा दी गई थी, लेकिन अब यह राज्यों की संशोधित समयसीमाओं के आधार पर बदल सकती है।

आयोग की यह बैठक मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने पर केंद्रित रही। सूत्रों ने बताया कि अंतिम निर्णय आधिकारिक आदेश के माध्यम से घोषित किया जाएगा, जिसमें बताया जाएगा कि किन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कितनी अतिरिक्त अवधि प्रदान की गई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अपनी प्रविष्टियों की जांच अवश्य करें और यदि नाम जोड़ना हो तो फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करें। आयोग की वेबसाइट और राज्य निर्वाचन कार्यालयों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही अंतिम मानने की अपील भी की गई है।

Leave a Comment