लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल चालान काटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जो लोग बार-बार यातायात नियम तोड़ते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे आदतन उल्लंघनकर्ताओं के ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर उनके वाहन भी सीज किए जाएंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि सख्ती और अनुशासन के बिना सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती और इसके लिए जिम्मेदार एजेंसियों को पूरी गंभीरता के साथ काम करना होगा।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की गहराई से समीक्षा की जाए और जहां लापरवाही, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना जैसी आदतें सामने आती हैं, वहां कड़ा प्रवर्तन किया जाए। उन्होंने कहा कि आदतन नियम तोड़ने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, वाहन सीज और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि दूसरों के लिए भी एक कड़ा संदेश जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 1 से 31 जनवरी तक ‘सड़क सुरक्षा माह’ मनाने के निर्देश भी दिए हैं। इस दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, साथ ही प्रवर्तन, इंजीनियरिंग सुधार और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां त्वरित सुधार कार्य कराने पर भी जोर दिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को एक जन आंदोलन के रूप में लिया जाना चाहिए, जिसमें प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बैठक में सड़क हादसों के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में हो रही दुर्घटनाएं और जानमाल का नुकसान बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने उन जिलों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए, जहां सड़क हादसों की संख्या अधिक रहती है। इनमें हरदोई, प्रयागराज, आगरा और कानपुर नगर जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रवर्तन बढ़ाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और निगरानी कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने, ओवरस्पीडिंग और स्टंटबाजी पर सख्त कार्रवाई करने, अवैध पार्किंग रोकने और लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सड़क पर लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाकर ही सड़क सुरक्षा को मजबूत किया




