सेना प्रमुख बोले– लिंग तटस्थता की ओर बढ़ रही भारतीय सेना, इन्फैंट्री में महिलाओं की भर्ती संभव

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भारतीय सेना में महिलाओं को इन्फैंट्री यानी पैदल सेना में शामिल करने को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन अंतिम फैसला समाज की सोच और स्वीकृति पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं तय किए गए शारीरिक और मानसिक मानकों पर खरी उतरती हैं, तो उन्हें इन्फैंट्री में भर्ती करने में सेना को कोई आपत्ति नहीं है। सेना का लक्ष्य अब केवल लिंग समानता तक सीमित न रहकर लिंग तटस्थता की ओर बढ़ना है, जहां योग्यता ही सबसे बड़ा पैमाना होगी।

सेना प्रमुख ने कहा कि महिलाओं को कमजोर मानने की पारंपरिक सोच को बदलने की जरूरत है। आज महिलाएं कई महत्वपूर्ण सैन्य शाखाओं में सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिनमें सिग्नल, इंजीनियर्स, ऑर्डनेंस और अन्य तकनीकी इकाइयाँ शामिल हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में महिलाएं कमांड और नेतृत्व की बड़ी जिम्मेदारियां भी संभाल सकती हैं, बशर्ते वे प्रदर्शन के तय मानकों पर खरा उतरें।

हालांकि फिलहाल महिलाओं की नियुक्ति इन्फैंट्री, आर्मर्ड कोर और मैकेनाइज्ड यूनिट्स जैसी फाइटिंग आर्म्स में नहीं की गई है, लेकिन इस दिशा में सोच तेजी से बदल रही है। सेना प्रमुख ने माना कि मेडिकल, ऑपरेशनल और प्रशिक्षण से जुड़ी कुछ चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, जिन पर लगातार काम किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन्फैंट्री में महिलाओं की भर्ती केवल एक सैन्य फैसला नहीं होगा, बल्कि यह समाज में बदलती सोच और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा। यदि यह फैसला होता है, तो यह भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला कदम साबित होगा।

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