देश के 140 करोड़ नागरिकों की निगाहें केंद्रीय बजट 2026-27 पर टिकी हुई हैं। आम आदमी से लेकर किसान, नौकरीपेशा, बुजुर्ग, महिलाएं और उद्योग जगत—हर वर्ग को इस बजट से बड़ी राहत की उम्मीद है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट को आर्थिक स्थिरता और महंगाई के दबाव के बीच जनता के लिए निर्णायक माना जा रहा है। टैक्स में छूट से लेकर सामाजिक योजनाओं के विस्तार तक, इस बजट से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने वाले ऐलानों की आस लगाई जा रही है।
मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी उम्मीद इनकम टैक्स में राहत को लेकर है। करदाताओं को उम्मीद है कि सरकार टैक्स स्लैब की सीमा बढ़ा सकती है, जिससे अधिक आय पर कम कर देना पड़े। इसके साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन और बचत से जुड़ी धाराओं में बढ़ोतरी की मांग भी लंबे समय से की जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो आम परिवारों की जेब में सीधे पैसा बचेगा और उपभोग को बढ़ावा मिलेगा।
किसानों की नजर भी बजट पर टिकी है। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने, फसल बीमा को और प्रभावी बनाने तथा किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा में इजाफे की उम्मीद कर रहे हैं। किसानों का मानना है कि बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता के बीच उन्हें ज्यादा वित्तीय सुरक्षा की जरूरत है, ताकि खेती लाभकारी बनी रहे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
बजट से बुजुर्गों और पेंशनभोगियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स छूट बढ़ाने और ब्याज आय पर कर में नरमी की मांग कर रहे हैं। बढ़ती चिकित्सा लागत को देखते हुए हेल्थ सेक्टर में बजट आवंटन बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिल सके।
महिलाओं, छात्रों और युवाओं के लिए भी बजट में खास प्रावधानों की अपेक्षा की जा रही है। महिला सशक्तिकरण योजनाओं, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, स्टार्टअप्स और रोजगार सृजन पर अधिक खर्च की उम्मीद है। शिक्षा के क्षेत्र में सस्ती पढ़ाई, डिजिटल लर्निंग, मेडिकल और तकनीकी संस्थानों के विस्तार पर सरकार का फोकस रहने की संभावना है।
इसके अलावा सामाजिक कल्याण योजनाओं को लेकर भी जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए राशन, आवास, रोजगार और पेंशन जैसी योजनाओं के दायरे को बढ़ाने की मांग उठ रही है। ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे, सड़क, रेलवे और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 से देशवासियों को टैक्स में राहत, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार के अवसर और विकास योजनाओं के विस्तार की उम्मीद है। यह बजट न केवल सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं को दर्शाएगा, बल्कि आम जनता की जिंदगी पर भी सीधा असर डालेगा। अब देखना होगा कि सरकार 140 करोड़ लोगों की इन उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है।




