केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में आम बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें आम जनता की जेब से सीधे जुड़ी कई अहम घोषणाएँ की गईं। बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और किन पर खर्च बढ़ेगा। सरकार ने टैक्स और कस्टम ड्यूटी में बदलाव कर कुछ जरूरी और जनहित से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता किया है, जबकि कुछ लग्ज़री और गैर-जरूरी वस्तुओं पर बोझ बढ़ाया गया है।
बजट 2026 में आम लोगों को राहत देते हुए विदेश यात्रा को सस्ता किया गया है। ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाला TCS घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे विदेश घूमने वालों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों की कई दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है, जिससे इलाज की लागत घटेगी। सरकार ने मोबाइल फोन, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इन पर भी ड्यूटी में कटौती की है, जिसका असर आने वाले समय में कीमतों पर दिख सकता है। साथ ही सोलर पैनल और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े उपकरणों को सस्ता कर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का संकेत दिया गया है। जूते और चमड़े के उत्पादों पर भी टैक्स में राहत दी गई है, जिससे ये वस्तुएँ आम लोगों की पहुंच में रहेंगी।
वहीं दूसरी ओर, बजट 2026 में कुछ चीजें महंगी भी हो गई हैं। शराब और उससे जुड़े उत्पादों पर टैक्स बढ़ने से इनके दाम बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा कुछ आयातित लग्ज़री सामान, जैसे प्रीमियम घड़ियां, डिजाइनर कपड़े और अन्य महंगी वस्तुएं, अब पहले से ज्यादा महंगी हो सकती हैं। आयातित लग्ज़री कारों पर भी कस्टम ड्यूटी में बदलाव किया गया है, जिससे इनकी कुल कीमत बढ़ने की आशंका है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में सरकार ने एक संतुलित रुख अपनाया है। जहां एक ओर स्वास्थ्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और आम उपभोक्ता से जुड़ी वस्तुओं को सस्ता कर राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर लग्ज़री और गैर-जरूरी वस्तुओं को महंगा कर राजस्व बढ़ाने की कोशिश की गई है। यह बजट मेक इन इंडिया, स्वच्छ ऊर्जा और आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसका असर आने वाले महीनों में बाजार और आम लोगों की जेब पर साफ तौर पर दिखाई देगा।




