कैब ड्राइवरों का ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’, यात्रियों की बढ़ी टेंशन

SHARE:

आज देशभर में ऐप-आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं पर लोगों की निर्भरता रखने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ड्राइवर संगठनों ने इस विरोध को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया है, जिसके तहत कई शहरों में ड्राइवर कुछ घंटों के लिए ऐप से लॉग-आउट रहेंगे और सवारी सेवाएं उपलब्ध नहीं कराएंगे। इसका सीधा असर खासतौर पर दफ्तर जाने वाले लोगों, छात्रों और रोजमर्रा की यात्रा करने वालों पर पड़ने की आशंका है।

ड्राइवरों की इस हड़ताल की मुख्य वजह आय में लगातार हो रही कमी और किराए से जुड़ी नीतियों को लेकर असंतोष बताया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐप-आधारित कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय करती हैं, जिससे न्यूनतम आमदनी सुनिश्चित नहीं हो पाती। ड्राइवर यूनियनें लंबे समय से न्यूनतम बेस किराया तय करने, पारदर्शी नियम लागू करने और मौजूदा मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने की मांग कर रही हैं। इसके अलावा कुछ संगठनों ने निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है।

हड़ताल के चलते कई बड़े शहरों में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं सीमित या पूरी तरह बाधित हो सकती हैं। यात्रियों को सवारी बुक करने में दिक्कत आ सकती है और किराए में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को मेट्रो, बस, लोकल ट्रेन या निजी वाहनों जैसे वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। ड्राइवर संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे विरोध जारी रखने के लिए मजबूर होंगे।

Leave a Comment